Friday, March 28, 2008

PRESENT INFORMATION SUMMARISED



1. I have furnished copy of my complaint against Nishit pethalji Chavada pursuant to the instructions given by ACP – Chudasma on 18-7-2006 after recording the statement of Nishit Pethalji Chavada on 20-6-2006. ACP _ Chudasma had received instructions from DCPJaeja dated 3-6-06 .
DCP -zone 1 - Navrangpura was asked to look into the matter at instance of my email to Honorable Chief Minister on 19-4-06.


DCP had furnished information on 29-6-06 to the Home department.


2. The text of the complaint was given to Jodhpur Police Choky vide 26-9-2006 and is as per the internet link.


3. I am already referring to the reply given by Commissioner of Police on 25-9-2006 pursuant to my first appeal . The same is annexed herewith. Pursuant to my meeting with Commissioner of Police only, DCP took steps of atkayati pagla on 27-9-2006 against Nishit Pethalji Chavada. This steps were just taken for the sake of formality of compliance only.


4. I had drawn the attention of the Police Commissioner on 21-10--2006 as the commissioner of Police was misled by DCP Jadeja /ACP Chudasma.


5. Pursuant to the complaint filed by Pravin Kotak against Mr. Nishit Chavada as reported on 20-10-07, I had brought the matter to the attention of DGP –Mr. Kaushik in November 2007 and DGP – Mr. Kaushik had assigned Mr. B R Patel ACP_ Vejalpur to look into the matter and once again the statement was recorded on 22-11-2007. However, he did not pursue the matter thereafter and the information was just recorded.


6. I have received the information that Nishit Pethalji Chavada hasa been released on bail in the complaint filed by Pravin Kotak and the chargesheet has been sent to the MetroCourt around 21st March 2008. From the chargesheet, it appears ACP B R Patel has not given the details of atkayati pagla to be incorporated in the chargesheet against Nishit Pethalji Chavada so as to make the case strong.

7. Nor has ACP B R Patel of Vejalpur has taken the necessary steps to visit the site and make further investigation

8. It is obvious that Nishit Pethalji Chavada has misled the Police vide his statement on 20-6-2006.





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a. The status quo order was obtained on 19-7-2000 in Civil Suit 3754/2000. The telegram was sent on 19-7-2000 to the Police commissioner and satellite police station as well.

b. Conditions were imposed on the property that there was ban on transfer of property for 10 years as per the order in 1988.

In this connection I had sent letter to email to the collector office deawing their attention for ban on the property. The property was vauled to be Rs 26.65 lakhs while the sale document was for Rs 18.00 lakhs.

c. The share certificate showed that the transfer of property was done on 23-7-2000 that is after the status quo order was obtained

d. The court commissioner dated 21-9-00 showed that nishit chavada had taken possession of the bunglow and this was supported by two witnesses. Even the court order on 21-1-03 expressed doubts as regarding possession of the property by Nishit chavada.


Tuesday, January 15, 2008

तपास का इतिहास


१. हमो ने गुजरात के चीफ मिनिस्टर को ईमेल से शिक़ायत मार्च २००६ और अप्रिल २००६ रेमिंदर भेजा था . हम पर dcp _जडेजा ने माय १०, २००६ का फ़ोन आया और हम ने हमारी शिक़ायत संजय. इसके बारेमे हमको acp चुदस्मा –Vejalpurse फ़ोन आया और हमारा निवेदन ३-६-०६ के रोज लिया.
२. मगर कुछ भी प्रोग्रेस नही हुआ इस लिए हम ने माहिती अधिकार के निचे हन्मोने ऍप्लिकेशन किया . उसके जवाब्मे acp चुदस्मा ने हमको अधूरी माहिती दिया.
३. acp चुदस्मा ने सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन को १८-७-०६ के पत्र से हमारी फरियाद लेने के लिए बोला और जरुरी तापस करने के लिए बोला. हम पुलिस इंसपेक्टर गजिपारा से मिले. उन्ह वन पसी जोधपुर को इन्वेस्तिगते करने के लिए बोला.
४. हमो नेह सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन को फिर से ईमेल किया मगर हमको कुछ मदद नही मिलती थी. इस लिए हुमोने माहिती अधिकार के निचे फर्स्ट अप्पाल किये और कमिश्नर ऑफ़ पुलिस- मर.कौशिक भी ईमेल किया. हमारी विगत सम्जने के लिए हम को सीपी साहिब ने हमको २५-९-२००६ के दिन उनकी ऑफिस मी बुलाया और विगत जनि. हमको २५-९-०६ के रोज उन्हों ने पत्र लिखा मगर उनको dcp जडेजा ने गर्मर्गे दोर्य था. इस लिए हमो ने ईमेल करके फिर से देखना के लिए बोला था.
५. पसी जोधपुर पुलिस चोव्क्य ने गुजराती मी फरिअद मांगी . हमोने फरिअद २६-९-२००६ को फरिअद पोस्ट से भेजी मगर पसी जोधपुर ने कुछ भी तापस नही किया.
६. हमो ने पुलिस कमिश्नर मर. कौशिक से पत्र लिखा कि हम dcp जडेजा के जवाब से नाराज है इस के लिए फिर से जडेजा का निवेदन रेविएव करे. अद्दिशनल पुलिस कमिश्नर ने होम को पत्र से बताया कि उन्ह वन सब तापस किया है और dcp जडेजा कि कोई गलती नहीं है.
७. हम बादमे ने पुलिस कमिश्नर महापात्र से ३०-१२-२००६ से मिले उन्ह वन बताये कि हम लिखित संक्षिप्त फरिअद उनके रीडर को दे. जो हम ने बनके रीडर को ३०-१२-२००६ को अन्नेक्सूरेस के साथ दिया और जनुँरी ११, २००७ से जानकारी दी. फिर से अद्दिशनल पुलिस कमिश्नर प क झा ने अमर पत्र का जवाब दिया के dcp जडेजा ने कुछ भी गलत नहीं किया हैं.
८. नेव्स्पपेर मी प्रवीन कोटक कि शिक़ायत के समाचार २० अक्तूबर २००७ के रोज आये कि निशित चवदा को अगोत्र जमीं नही मिल हैं TO हमो ने नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन को हमारी फरिअद से वकेफ़ करे. हमको पसी वनिया ने बुलाया और उनको हमने विशेह जानकारी दी.
९. हम ने बादमे dcp जडेजा और डीजीपी कौशिक से ईमेल किया और हमको acp बी र पटेल ने यह केस कि जानकारी के लिए निवेदन के लिए बुलाया. हमोने acp बी र पटेल को २२-११-२००७ को निवेदन दिया मगर उन्हों जरुरी तापस नही करी .इस लिए हम वन डीजीपी कौशिक को फिर से ईमेल किया.
१०. हमारे डीजीपी कौशिक से ईमेल के कारन से हमे पसी वनिया , लव गार्डन पुलिस चोव्क्य पर बुलाया और हमसे जानकारी ली. हमको बताया कि वोह कुछ तापस नही कर पाएंगे क्योंकि सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन ही यह तापस कर सकती हैं.

निशित चावडा , महेश सोलंकी, शंकर बलाई कि पुचपरच और निवेदन

निचे प्रमाने कार्यवाही करने कि जरुरत है . acp बी र पटेल – वेजलपुर के पास सुब जरुरुई अन्नेक्सुरेस मिल शकते है. सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन , acp बी र पटेल पूरी तहरे से पसी वनिया ( लव गार्डन पुलिस च्वोकी , नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन के अन्दर ) को सहयोग देवे . जिससे , इन्वेस्तिगातिंग ओफ्फिसर , पसी वनिया जरुरी कार्यवाही कर सके. तालमेल होना जरुरी है , जिसकी वजह से अची तरह से पूरी जांच हो सके.



१. अम्रशागुन चोव्किदर का लिखित निवेदन:- उसका नम , कब से है, किसने रखा हुआ है, , क्या जानकारी है , उसका फोटो , उसका पता , उसके साक्षी जो उनकी पहचान दे सके, उनकी फिन्गेर्प्रिंत . निशित चवदा को कब से पहचान ते है.
२. महेश सोलंकी का निवेदन:- उनका एड्रेस चोव्किदर के पास से लकते है और निशित चवदा के passé ले शकते हैं.

महेश सोलंकी को पूछना होगा कि वोह निशित चवदा को कब से पहचानते है . निशित चवदा कि लिखित बहेंधारी मैं वोह सखी थे TO वोह विगत बार बताये कि निशित चवदा ने कैसे बंगला का कब्जा प्राप्त किया . महेश सोलंकी को पूछना जरुरी है कि वोह २१-९-२००० और ८-९-२००१ के कोर्ट कमीशन रिपोर्ट मैं क्यो मौजूद थे और निशित चवदा और उनके भाई नेह बोला थी कि वोह विटनेस बैंकर सिग्नतुरे अपना दे. कोर्ट कमीशन के रिपोर्ट दरमियाँ और कौन मौज्जुद ठी. उनकी पहचान , फोटो, फिन्गेर्प्रिंत , उनका कायमी रहना का पत्ता लेना जरुरी है. और उनका कायमी निवास्थान कौनसा है और उनकी पहचान क्या है और उनके रिशेत्दर और दोस्तो से उनकी पहचान लेनी जरुरी हैं.
३. शंकर बलाई का लेखी निवेदन ऊपर मुजब लेना जरुरी है . वोह भी महेश सोलंकी के साथ २१-९-२००० और ८-९-२००१ के रोज विटनेस तरीके सामिल थे . उनकी पहचान , फोटो, फिन्गेर्प्रिंत , उनका कायमी रहना का पत्ता लेना जरुरी है. और उनका कायमी निवास्थान कौनसा है और उनकी पहचान क्या है और उनके रिशेत्दर और दोस्तो से उनकी पहचान लेनी जरुरी हैं. ८-९-२००१ के रोज कोर्ट कमीशन रिपोर्ट के समाया पेर दुसरे निशित चवदा के कौन आदमी साथ मी ठी वोह सच बताये ऐसा पूछना जरुरी हैं.
४. निशित चवदा का लिखित निवेदन कि २०-६-२००६ का निवेदन मी उन्ह वन घर का कब्जा अप्रिल २००३ मी लिया था TO २१-९-२००० के कोर्ट कमिश्नर के मुजब २१-९-२००० के रोज उनका कब्जा था TO पुलिस को गलत जानकारी क्यो दी . जो २१-९-२००० के रोज कब्जा था TO कायदे का उल्लंघन करके कब्जा क्यो लिया क्योंकि १९-७-२००० के रोज अम्रशागुन घर का कब्जा १९-७-२००० के कोर्ट कमीशन के मुजब कब्जा पन्कज्भई के पास था TO कौन्शी कोर्ट और पुलिस कि सहमति से बंगला का कब्जा पाया. १९-७-२००० का रोज घर मी सुखिनिबें , पन्कज्भई का समन था TO वोह क्यो नही है. अपने अम्रशागुन सोसिएटी को जानकारी दी के बंगला पे पंकभई का स्टे हैं इसलिए वोह अम्रश्गुन बंगला के सहारे ट्रान्सफर नहीं कर सकते है. उनके passé सुखिनिबें के पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी से क्या पचन है उसका निवेदन लेना जरुरी हैं.
निशित चवदा को पूछना जरुरी है कि बंगला का कब्जा उनके पास १९- ७-२००० के दिन नही था टी उसका लिखित जवाब कि क्यो नही था जब २४ लाख का बंगला १८ लाख मी खरीदी बताई हुई हैं. जब पोश बुन्गले कि खरीदी १८ लाख मैं हुई जब २४ ल्स्ख इन ख्स्तिफ किमस्य TO वोह क्यो हो सकती है . सुखिंबें कि वजह नही हो सकती है कि खरीद कीमत से निचे बंगला १८ लाख मी सेल करे क्योंकि बाजार किम्मत २४ लाख से भी ज्यादा होंगा.

५. परगना चवदा का निवेदन लेना जरुरी है .उनका निवेदन भी लेना जर्रुई है क्योंकि उन्हों ने निशित चवदा के साथ यह बंगला कि खरीदी साथ मी बत्याई हुई हैं.
६. नेभाभई वसभई के नम पर २५-७-२००० के रोज पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी सुखिनिबें ने दिया था और १८-८-२००० को वापस पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी कैन्सल किया था.
ओह सुखिनिबें को कब से पहच्नता है , उन्ह वन क्यो पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी सुखिनिबें का लिया , किनके कहने से लिया , वोह कहा पे नौकरी करते है , उनके मालिक का लिखित निवेदन कि वोह उनके वह कम करते है . निशित चवदा को कब से पह्हनते है. उन्हों क्यो पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी लिया उसकी विस्तृत चर्चा
७. अद्द्रेस्सेस ऑफ़ कांसर्नेद पेर्सोंस अरे अस उंदर:-



महेश कांजी सोलंकी:- विपुल विहार सोसिएटी,सॅटॅलाइट रोड .अहमदाबाद

शंकर धुलजी बारे:- अजन्ता एल्लोरा, ब्लॉक नो २०, ब्ल्द्ग नो ९९ , नार ड्राइव इन सिनेमा , अहमदाबाद .
निशित पेथाल्जी चवदा :- बी/२३ इषित अपार्टमेंट , नार इश्वर भवन , नवरंगपुरा , अहमदाबाद


निशित चवदा, महेश सोलंकी और शंकर बलाई कि tapas और निवेदन

निचे प्रमाने कार्यवाही करने कि जरुरत है . acp बी र पटेल – वेजलपुर के पास सुब जरुरुई अन्नेक्सुरेस मिल शकते है. सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन , acp बी र पटेल पूरी तहरे से पसी वनिया ( लव गार्डन पुलिस च्वोकी , नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन के अन्दर ) को सहयोग देवे . जिससे , इन्वेस्तिगातिंग ओफ्फिसर , पसी वनिया जरुरी कार्यवाही कर सके. तालमेल होना जरुरी है , जिसकी वजह से अची तरह से पूरी जांच हो सके.



१. अम्रशागुन चोव्किदर का लिखित निवेदन:- उसका नम , कब से है, किसने रखा हुआ है, , क्या जानकारी है , उसका फोटो , उसका पता , उसके साक्षी जो उनकी पहचान दे सके, उनकी फिन्गेर्प्रिंत . निशित चवदा को कब से पहचान ते है.
२. महेश सोलंकी का निवेदन:- उनका एड्रेस चोव्किदर के पास से लकते है और निशित चवदा के passé ले शकते हैं.

महेश सोलंकी को पूछना होगा कि वोह निशित चवदा को कब से पहचानते है . निशित चवदा कि लिखित बहेंधारी मैं वोह सखी थे TO वोह विगत बार बताये कि निशित चवदा ने कैसे बंगला का कब्जा प्राप्त किया . महेश सोलंकी को पूछना जरुरी है कि वोह २१-९-२००० और ८-९-२००१ के कोर्ट कमीशन रिपोर्ट मैं क्यो मौजूद थे और निशित चवदा और उनके भाई नेह बोला थी कि वोह विटनेस बैंकर सिग्नतुरे अपना दे. कोर्ट कमीशन के रिपोर्ट दरमियाँ और कौन मौज्जुद ठी. उनकी पहचान , फोटो, फिन्गेर्प्रिंत , उनका कायमी रहना का पत्ता लेना जरुरी है. और उनका कायमी निवास्थान कौनसा है और उनकी पहचान क्या है और उनके रिशेत्दर और दोस्तो से उनकी पहचान लेनी जरुरी हैं.
३. शंकर बलाई का लेखी निवेदन ऊपर मुजब लेना जरुरी है . वोह भी महेश सोलंकी के साथ २१-९-२००० और ८-९-२००१ के रोज विटनेस तरीके सामिल थे . उनकी पहचान , फोटो, फिन्गेर्प्रिंत , उनका कायमी रहना का पत्ता लेना जरुरी है. और उनका कायमी निवास्थान कौनसा है और उनकी पहचान क्या है और उनके रिशेत्दर और दोस्तो से उनकी पहचान लेनी जरुरी हैं. ८-९-२००१ के रोज कोर्ट कमीशन रिपोर्ट के समाया पेर दुसरे निशित चवदा के कौन आदमी साथ मी ठी वोह सच बताये ऐसा पूछना जरुरी हैं.
४. निशित चवदा का लिखित निवेदन कि २०-६-२००६ का निवेदन मी उन्ह वन घर का कब्जा अप्रिल २००३ मी लिया था TO २१-९-२००० के कोर्ट कमिश्नर के मुजब २१-९-२००० के रोज उनका कब्जा था TO पुलिस को गलत जानकारी क्यो दी . जो २१-९-२००० के रोज कब्जा था TO कायदे का उल्लंघन करके कब्जा क्यो लिया क्योंकि १९-७-२००० के रोज अम्रशागुन घर का कब्जा १९-७-२००० के कोर्ट कमीशन के मुजब कब्जा पन्कज्भई के पास था TO कौन्शी कोर्ट और पुलिस कि सहमति से बंगला का कब्जा पाया. १९-७-२००० का रोज घर मी सुखिनिबें , पन्कज्भई का समन था TO वोह क्यो नही है. अपने अम्रशागुन सोसिएटी को जानकारी दी के बंगला पे पंकभई का स्टे हैं इसलिए वोह अम्रश्गुन बंगला के सहारे ट्रान्सफर नहीं कर सकते है. उनके passé सुखिनिबें के पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी से क्या पचन है उसका निवेदन लेना जरुरी हैं.
निशित चवदा को पूछना जरुरी है कि बंगला का कब्जा उनके पास १९- ७-२००० के दिन नही था टी उसका लिखित जवाब कि क्यो नही था जब २४ लाख का बंगला १८ लाख मी खरीदी बताई हुई हैं. जब पोश बुन्गले कि खरीदी १८ लाख मैं हुई जब २४ ल्स्ख इन ख्स्तिफ किमस्य TO वोह क्यो हो सकती है . सुखिंबें कि वजह नही हो सकती है कि खरीद कीमत से निचे बंगला १८ लाख मी सेल करे क्योंकि बाजार किम्मत २४ लाख से भी ज्यादा होंगा.

५. परगना चवदा का निवेदन लेना जरुरी है .उनका निवेदन भी लेना जर्रुई है क्योंकि उन्हों ने निशित चवदा के साथ यह बंगला कि खरीदी साथ मी बत्याई हुई हैं.
६. नेभाभई वसभई के नम पर २५-७-२००० के रोज पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी सुखिनिबें ने दिया था और १८-८-२००० को वापस पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी कैन्सल किया था.
ओह सुखिनिबें को कब से पहच्नता है , उन्ह वन क्यो पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी सुखिनिबें का लिया , किनके कहने से लिया , वोह कहा पे नौकरी करते है , उनके मालिक का लिखित निवेदन कि वोह उनके वह कम करते है . निशित चवदा को कब से पह्हनते है. उन्हों क्यो पॉवर ऑफ़ अत्तोर्नी लिया उसकी विस्तृत चर्चा
७. addresses ऑफ़ concerned persons निचे प्रमाने :-



महेश कांजी सोलंकी:- विपुल विहार सोसिएटी,सॅटॅलाइट रोड .अहमदाबाद

शंकर धुलजी बारे:- अजन्ता एल्लोरा, ब्लॉक नो २०, ब्ल्द्ग नो ९९ , नार ड्राइव इन सिनेमा , अहमदाबाद .
निशित पेथाल्जी चवदा :- बी/२३ इषित अपार्टमेंट , नार इश्वर भवन , नवरंगपुरा , अहमदाबाद



मिस्लेअदिंग कोन्क्लुसिओं ऑफ़ dcp जडेजा TO पुलिस कमिश्नर कौशिक इन लैटर दतेद २५-९-०६ BY पुलिस कमिश्नर कौशिक

२५-९-२००६ न रोज पुलिस कमिश्नर मर. कौशिक नो जवाब चे :-
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माहिती अधिकारी आने dcp जडेजा जनावेल के, विवादी ने लिखित आने रूबरू माँ बोल्वी तेमने हकीकत जन्वा माँ अवेल चे.

तो ऐ जनावेल के, विवादी नो bunglow तेमना पत्नी एने पूत्र ने राजी खुसी थी निशित चवदा ने वेचेल चे. अंनें दीवानी केस चले चे और कोर्ट कमिश्नर नी स्थल मुलाक़ात पची कब्जो निशित चावडा ने आप्वा माँ आवेल चे. आने तेमने कोइधाक धमकी अप्ता होई के जान नु जोखम होई तेवु चे नही.




Comments of Pankaj S Mody:-

§ Would DCP Jadeja and DGP Kaushik would be kind enough to furnish specific details of the the court orders showing that the possession was granted to Nishit Pethalji Chavda by Court Order.
§ Does DGP Kaushik and DCP can say confidently after the Pravin Kotak’s complaint against Nishit Chavda that the purchase of the bunglow is with raji khusi ( at price of Rs 18 lakhs when the amount paid was Rs 24 lakhs especially when the possession of the bunglow was taken by nishit chavda by taking law in his hands.
§ Can DCP Jadeja and DGP confidently tell that Nishit chavda is clean when the Judge has made observation on 21-1-2003 that Nishit Chavda did not have possession of the bunglow at the time of filing of civil suit 469/2000.
§ Would DCP Jadeja and DGP clarify as to by what court Order the possession was given by the court in April 2003 as referred in the statement by Nishit Chavda on his statement on 20-6-2006 given to ACP Chuidasma.