Tuesday, January 15, 2008

तपास का इतिहास


१. हमो ने गुजरात के चीफ मिनिस्टर को ईमेल से शिक़ायत मार्च २००६ और अप्रिल २००६ रेमिंदर भेजा था . हम पर dcp _जडेजा ने माय १०, २००६ का फ़ोन आया और हम ने हमारी शिक़ायत संजय. इसके बारेमे हमको acp चुदस्मा –Vejalpurse फ़ोन आया और हमारा निवेदन ३-६-०६ के रोज लिया.
२. मगर कुछ भी प्रोग्रेस नही हुआ इस लिए हम ने माहिती अधिकार के निचे हन्मोने ऍप्लिकेशन किया . उसके जवाब्मे acp चुदस्मा ने हमको अधूरी माहिती दिया.
३. acp चुदस्मा ने सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन को १८-७-०६ के पत्र से हमारी फरियाद लेने के लिए बोला और जरुरी तापस करने के लिए बोला. हम पुलिस इंसपेक्टर गजिपारा से मिले. उन्ह वन पसी जोधपुर को इन्वेस्तिगते करने के लिए बोला.
४. हमो नेह सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन को फिर से ईमेल किया मगर हमको कुछ मदद नही मिलती थी. इस लिए हुमोने माहिती अधिकार के निचे फर्स्ट अप्पाल किये और कमिश्नर ऑफ़ पुलिस- मर.कौशिक भी ईमेल किया. हमारी विगत सम्जने के लिए हम को सीपी साहिब ने हमको २५-९-२००६ के दिन उनकी ऑफिस मी बुलाया और विगत जनि. हमको २५-९-०६ के रोज उन्हों ने पत्र लिखा मगर उनको dcp जडेजा ने गर्मर्गे दोर्य था. इस लिए हमो ने ईमेल करके फिर से देखना के लिए बोला था.
५. पसी जोधपुर पुलिस चोव्क्य ने गुजराती मी फरिअद मांगी . हमोने फरिअद २६-९-२००६ को फरिअद पोस्ट से भेजी मगर पसी जोधपुर ने कुछ भी तापस नही किया.
६. हमो ने पुलिस कमिश्नर मर. कौशिक से पत्र लिखा कि हम dcp जडेजा के जवाब से नाराज है इस के लिए फिर से जडेजा का निवेदन रेविएव करे. अद्दिशनल पुलिस कमिश्नर ने होम को पत्र से बताया कि उन्ह वन सब तापस किया है और dcp जडेजा कि कोई गलती नहीं है.
७. हम बादमे ने पुलिस कमिश्नर महापात्र से ३०-१२-२००६ से मिले उन्ह वन बताये कि हम लिखित संक्षिप्त फरिअद उनके रीडर को दे. जो हम ने बनके रीडर को ३०-१२-२००६ को अन्नेक्सूरेस के साथ दिया और जनुँरी ११, २००७ से जानकारी दी. फिर से अद्दिशनल पुलिस कमिश्नर प क झा ने अमर पत्र का जवाब दिया के dcp जडेजा ने कुछ भी गलत नहीं किया हैं.
८. नेव्स्पपेर मी प्रवीन कोटक कि शिक़ायत के समाचार २० अक्तूबर २००७ के रोज आये कि निशित चवदा को अगोत्र जमीं नही मिल हैं TO हमो ने नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन को हमारी फरिअद से वकेफ़ करे. हमको पसी वनिया ने बुलाया और उनको हमने विशेह जानकारी दी.
९. हम ने बादमे dcp जडेजा और डीजीपी कौशिक से ईमेल किया और हमको acp बी र पटेल ने यह केस कि जानकारी के लिए निवेदन के लिए बुलाया. हमोने acp बी र पटेल को २२-११-२००७ को निवेदन दिया मगर उन्हों जरुरी तापस नही करी .इस लिए हम वन डीजीपी कौशिक को फिर से ईमेल किया.
१०. हमारे डीजीपी कौशिक से ईमेल के कारन से हमे पसी वनिया , लव गार्डन पुलिस चोव्क्य पर बुलाया और हमसे जानकारी ली. हमको बताया कि वोह कुछ तापस नही कर पाएंगे क्योंकि सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन ही यह तापस कर सकती हैं.

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